अब तुर्की के ख़िलाफ़ इसराइल की बयानबाज़ी की वजह क्या है?

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ के एक बयान पर इसराइल के जवाब के कुछ ही दिनों बाद, इस बार तुर्की और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति को इसराइल की बयानबाज़ी का सामना करना पड़ रहा है.

सोशल मीडिया पर इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और देश के दूसरे लीडर्स ने तुर्की के राष्ट्रपति के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर “पाकिस्तान बीच-बचाव नहीं कर रहा होता, तो तुर्की इसराइल के ख़िलाफ़ जंग में शामिल हो जाता.”

सिर्फ तुर्की के राष्ट्रपति की ही नहीं, इसराइल ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की सोशल मीडिया पोस्ट के लिए भी कड़ी आलोचना की है.

ऐसे में, सोशल मीडिया पर यूजीआई के डायरेक्टर प्रोफ़ेसर फ्रैंकोइस बेलो ने एक्स पर लिखा कि “पिछले हफ्ते से इसराइल स्पेन, फ्रांस, इटली, दक्षिण कोरिया, पाकिस्तान और तुर्की के साथ डिप्लोमैटिक विवादों में उलझा हुआ है. यह स्थिति टिकाऊ नहीं लगती और इसके और ख़राब होने की संभावना है.”

उन्होंने कहा कि “ग्लोबल पब्लिक ओपिनियन काफ़ी हद तक इसराइल के ख़िलाफ़ हो गया है, और डेमोक्रेटिक सरकारों को आख़िरकार अपनी आबादी की राय को ध्यान में रखना होगा.”